पैनी नजर: महारानी महारानी का फ़र्क और लोकतंत्र

Saturday, 12 May 2012

महारानी महारानी का फ़र्क और लोकतंत्र

भारत के गरीबों से बना इटैलियन महारानी का सिंहासन
दॄश्य एक:

एक महारानी: ये बाहर भीड कैसी है?
हर हाइनेस ये गरीब हैं, इनको रोटी नहीं मिलती इसलिये इकट्ठे होके शोरगुल कर रहे हैं
महारानी: इन गरीबों को रोटी नहीं मिलती तो ये केक क्यों नहीं खाते !!

दॄश्य दो:

इटैलियन महारानी: ओ मुन्नू जी, ये बाहर भीड कैसी है?
हर हाइनेस ये सब गरीब हैं इनको रोटी नहीं मिलती क्योंकि इनको आपके खास लोगों ने लूट लूट के इस लायक भी नहीं छोडा कि ये रोटी तक खा सकें
महारानी: अच्छा ! फ़िर भी ये इकट्ठे होकर हाय हाय करने की‌ हिम्मत रखते हैं !! महंगाई इतनी बढा दो कि ये इकट्ठे हो के विरोध करने की जगह भूख के मारे एक दूसरे को ही खा जायें !!

जनतंत्र जारी है ...

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